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Shri Moti Lal Handa

Guru is congregation of all the divine power. It is said Guru Brahma Guru Vishnu Guru Devo Maheshwara it means guru is Brahma Vishnu and Shiva. It is guru who educates the ignorant disciples and makes them realise God. Without guru it is not possible to dwell or go through in the forest of ancient scriptures, one will end up in havoc experimenting the ancient scriptures without guidance of Guru. A true guru will lead you in path to salvation.

गुरु सभी दैवीय शक्तियों का समूह है। ऐसा कहा जाता है कि गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर इसका मतलब है कि गुरु ब्रह्मा विष्णु और शिव एक ही हैं। गुरु ही अज्ञानी शिष्यों को शिक्षा देते हैं और उन्हें ईश्वर का साक्षात्कार कराते हैं। गुरु के बिना प्राचीन शास्त्रों के जंगल में रहना या जाना संभव नहीं है, गुरु के मार्गदर्शन के बिना प्राचीन शास्त्रों के प्रयोग में विनाश हो जाएगा। एक सच्चा गुरु आपको मोक्ष के मार्ग पर ले जाएगा।

Who is guru !
गुरु कौन है !

Guru is congregation of all the divine power. It is said Guru Brahma Guru Vishnu Guru Devo Maheshwara it means guru is Brahma Vishnu and Shiva. It is guru who educates the ignorant disciples and makes them realise God. Without guru it is not possible to dwell or go through in the forest of ancient scriptures, one will end up in havoc experimenting the ancient scriptures without guidance of Guru. A true guru will lead you in path to salvation.

गुरु सभी दैवीय शक्तियों का समूह है। ऐसा कहा जाता है कि गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर इसका मतलब है कि गुरु ब्रह्मा विष्णु और शिव एक ही हैं। गुरु ही अज्ञानी शिष्यों को शिक्षा देते हैं और उन्हें ईश्वर का साक्षात्कार कराते हैं। गुरु के बिना प्राचीन शास्त्रों के जंगल में रहना या जाना संभव नहीं है, गुरु के मार्गदर्शन के बिना प्राचीन शास्त्रों के प्रयोग में विनाश हो जाएगा। एक सच्चा गुरु आपको मोक्ष के मार्ग पर ले जाएगा।

What is mantra !
मंत्र क्या है !

Mantra is that rhythmic sound which when initiated from guru and practiced under his guidance will connect you to the divine power or God. It is said “Devadhinam Jagat Sarve Mantradhinam cha devatha”. It means devatha/God controls the entire universe and God is easily accessible through mantras. it is also said “Japat siddhim japat siddhim japat siddhirna samshayah meaning continuous recitation of mantra initiated by guru is sure to result success.

मंत्र वह लयबद्ध ध्वनि है जो गुरु से दीक्षित और उनके मार्गदर्शन में अभ्यास करने पर आपको दिव्य शक्ति या ईश्वर से जोड़ेगी। इसे “देवाधिनं जगत सर्वे मन्त्रधिना च देवता” कहा जाता है। इसका मतलब है कि देवता/भगवान पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित करते हैं और मंत्रों के माध्यम से भगवान को आसानी से पहुँचा जा सकता है। यह भी कहा जाता है कि “जपत् सिद्धिम जपत् सिद्धिम जपत् सिद्धिर्ना संशायः” अर्थात गुरु द्वारा बताए गए मंत्र का निरंतर जप/पाठ करने से सफलता अवश्य मिलती है।

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